ZAKAT FITRA KYA HAI – जकात और फितरा क्या है

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ZAKAT FITRA KYA HAI – जकात और फितरा क्या है


ZAKAT FITRA KYA HAI जकात और फितरा क्या है – इस्लाम धर्म के ऐसे बहुत से शब्द है जिनसे आपका सामना तो हुआ ही होगा उन्ही में से दो शब्द जकात और फितरा भी है

अक्सर लोग सवाल करते है यह यह जकात और फितरा – Zakat Fitrah क्या होता है? ऐसे में आपको इसका जवाब इस लेख के माद्यम से देने का प्रयास कर रहे है


जकात और फितरा क्या है | ZAKAT FITRA KYA HAI

यहाँ पढ़े जकात और फितरा क्या है ZAKAT FITRA KYA HAI ? इस्लाम धर्म के अनुसार हर मुसलमान को नमाज समय से अदा करना फर्ज है ठीक ऐसे ही सभी मुसलमान के लिए जो जकात और फितरा देने के योग्य है उन्हें अपने माल से गरीबो के लिए जकात और फितरा निकालना होता है लेकिन हर साल या वर्ष जकात और फितरा कितना देना है इसके बारे में भी सवाल किया जाता है


ZAKAT KYA HAI

यहाँ पढ़े ZAKAT KYA HAI ? – जकात का हिंदी में अर्थ या मतलब होता है दान इस्लाम धर्म में दान या जकात को बहुत ही महत्व दिया गया है अगर एक मुसलमान के पास माल है तो इस माल से हर वर्ष माल से 2.5% हिस्सा का गरीब, यतीम, जरुरतमंद को देना होग यह दान किया गया हिस्सा ही जकात कहलाता है

एक वर्ष में आपने जो धन कमाया हुआ है उसका 2.5% हिस्सा जकात के रूप में देना होता है जकात या दान किसी भी गरीब या जरूरतमंद को दिया जा सकता है एक वर्ष में बचत किये धन का 2.5% निकालना होता है

अगर कोई मुसलमान 100 रूपए कमाता है तो इसमें से 2.5 रूपए गरीब को देना होता है जकात वर्ष भर में कभी भी दिया जा सकता है लेकिन अधिकतर लोग रमजान महीने में ही निकालते है रमजान महीने में जकात निकालने की परम्परा बहुत पुरानी है परिवार में जितने सदस्य कमाई करते है उन सभी की कमाई से जकात निकाला जाता है


FITRA KYA HAI

यहाँ पढ़े FITRA KYA HAI ? – इस्लाम धर्म के अनुसार जकात के बाद फितरा भी निलालना बेहद जरुरी होता है जकात वर्ष में कभी भी दिया जाता है जबकि फितरा रमजान के पाक महीने में निकाला जाता है

अगर अल्लाह पाक आपको माल और बरकात दिया हुआ है ऐसे में मुसलमान भाई को अपने माल से फितरा की रकम निकालना चाहिए फितरा की रकम या दान जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर होते है उन्हें दिया जाता है

ईद की नमाज ख़त्म होने से पहले ही इस रकम या फितरा को दिया जाता है ईद के दिन कोई भी खाली हाथ न रहे चाहे वह गरीब ही क्यों न हो इसलिए ही ईद से पहले ही फितरा दे दिया जाता है जिससे गरीब भी अपना ईद अच्छी तरह से मनाए

इस्लाम में जकात, रोजा और नमाज की तरह ही महत्वपूर्ण है जबकि फितरा देना या निकालना जरुरी नहीं है लेकिन अल्लाह पाक ने अगर माल दिया है ऐसे में फितरा निकालना चाहिए जिससे हर तरफ खुशिया दिखाई दे.

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